रानीगंज लूटकांड में चार आरोपी गिरफ्तार, तीन पुलिस की रडार पर ।

रिपोर्ट -तारकेश्वर राय 


   



आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के रानीगंज थाना क्षेत्र की एक आभूषण की दुकान में दिनदहाड़े अज्ञात अपराधियों ने ऐसा तांडव मचाया कि इस घटना के बारे में जिसने भी सुना उसके कान खड़े हो गए।  सात हथियारबंद शातिर  दिन के उजाले में एक आभूषण की दुकान में प्रवेश करते हैं,पहले तो वो सुरक्षा गार्ड की बंदूक छीन लेते है और फिर गहनों पर अपना हाथ साफ करने लगते है। घटनास्थल के पास ही कमिश्नरेट पुलिस के एक अधिकारी सब इंस्पेक्टर मेघदूत मंडल को इस घटना की ख़बर मिलती है और वह मौके पर पहुंचते है।  मामला गंभीर देख वह अपना सर्विस रिवॉल्वर निकलते हैं।  पुलिस अधिकारी इन लोगों को पकड़ने के  लिए आगे बढ़ते हैं ,तभी शातिर गैंग द्वारा फायरिंग शुरू की  जाती है।  उधर जांबाज पुलिस अधिकारी भी जवाबी कार्रवाई में फायरिंग करते हैं। दोनों ही ओर से गोलियां चलनी शुरू हो गईं। सातो अपराधीयों  के साथ एक पुलिस अधिकारी मुकाबला करते हैं.और उन्हें पकड़ने का भी भरपूर प्रयास करते हैं,लेकिन आखिरकार अपराधी  लूटा हुआ ज्यादातर सामान छोड़कर मौके से भाग निकलते हैं। प्रत्यक्ष दर्शियों की माने तो  पुलिस अधिकारी समय पर न पहुंचते तो अपराधी सारा माल लेकर रफूचक्कर हो जाते। सही समय पर पुलिस की एंट्री ने शातिरों  के लूट के मंसूबे  पर पानी फेर दिया। हालांकि लूटा हुआ  ज्यादातर माल छोड़कर अपराधी भागने में कामयाब हुए। इस घटना के बाद कमिश्नरेट की ओर से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। बॉर्डर एरिया सहित नाका प्वाइंटों पर पैनी नज़र रखी जा रही है। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है। पुलिस पूरी सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को खंगाल कर  एवं दूसरे संसाधनों के माध्यम से इन अपराधियों को पकड़ने के लिए एक टीम गठित की गई। इस टीम द्वारा की गई कड़ी मेहनत का नतीजा ही है कि अब तक  चार आरोपी पुलिस के गिरफ्त में है और बाकियों को पकड़ने के लिए पुलिस की मुहिम तेज गति से चल रही है।  गिरफ्तार किए गए आरोपियों से भी उनके गैंग के बाकी साथियों की पूछताछ की जा रही है ,ताकि उन्हें भी गिरफ्तार कर उनके गुनाहों की उचित सजा दिलाई जा सके।